आज दिवाली है... आप सबको बहुत बहुत बधाई... पर पता नहीं क्यों ये दिवाली बिलकुल अमावस्या की रात की तरह काली और अँधेरी नजर आ रही है... बिलकुल अकेला और उदास... पर आपके लिए मेरी दुआ है कि आप सब खुशियों की रौशनी में भींगे रहे... अकेलेपन का अँधेरा आपके जीवन में कभी न आये... आब सबके जीवन में आज की अमावस रात आखिरी काली रात हो... जीवन में सिर्फ रौशनी ही रौशनी हो...
खुशियाँ ही खुशियाँ हो...
अमावस की काली रात
पर अँधेरा बिलकुल भी नहीं
चाँद नहीं है तो क्या हुआ
मिटटी के दीयों का उजाला तो है साथ
एक चाँद की कमी
सैकड़ों दिए मिलकर कर देंगे...
आज की अमावस रात
किसी को चाँद की कमी नहीं खलेगी
हम अपने जीवन का अँधेरा
खुद भगा लेंगे
हमें नहीं जरूरत किसी और के वजूद के
हमारा वजूद खुद सबसे बड़ा है
आज की अमावस काली रात
हम अपने जीवन की आखिरी काली रात साबित करेंगे
हम अँधेरे ख़त्म करेंगे
और जीवन में खुशियों के कड़ोरों
दिए जला लेंगे
आज की अमावस काली रात
मेरी दुआ, आपकी ख़ुशी
हम मनाएंगे
शुभ दिवाली- लाभ दिवाली...












2 कुछ आपकी खामोशी:
बहुत सुन्दर!
आपको और आपके पूरे परिवार को
दीपावली की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!
आपको और आपके प्रियजनों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें….!
संजय भास्कर
आदत....मुस्कुराने की
नई पोस्ट पर आपका स्वागत है
http://sanjaybhaskar.blogspot.com
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