मैं कौन हूँ? ये एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब २७ सालों के बाद भी मैं नहीं ढूंढ़ पाया हूँ... पर यकीन मानिए रोज कोशिश करता हूँ इस जवाब को ढूंढने का. आखिर मेरा क्या अस्तित्व है... मैं कौन हूँ??? मैं रोज सुबह इसलिए नहीं जागना चाहता कि मुझे उठ कर ऑफिस जाना है, रात को इसलिए नहीं सोना चाहता कि सुबह ऑफिस जाने के लिए उठना है... मैं सोना चाहता हूँ खुद के लिए, जागना चाहता हूँ खुद के लिए... कुछ ऐसा करना चाहता जिससे मुझे ख़ुशी मिले, संतुष्टि मिले, जिस काम को कर मेरा दिल खुश हो... जिससे मुझे गर्व की अनुभूति हो...
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सोमवार, 18 मई 2009

सच या झूट...

आंखों में देखा है मैंने तुम्हे
तुम कुछ कहना चाहती थी
कुछ तो है जो अधुरा रह गया है
जिसे तुम मुझे बताना चाहती हो
पर क्या?
उस रात तुम मेरे सामने थी
लेकिन कैसे?
कैसे हो सकता है ये?
कैसे तुम मेरे सामने आई?
जबकि तुम मुझे छोड़ कर जन चुकी हो
सिर्फ़ मुझे ही क्यों,
तुम तो इस दुनिया को ही छोड़ चुकी हो
फ़िर तुम मेरे सामने कैसे आई?
हो सकता है वो मेरा वहम हो
विश्वास भी तो नही करता मैं इन सब बातों पर
हाँ-हाँ जरूर मेरा वहम ही होगा
क्योंकि तुम नही आ सकती मेरे सामने
तुम जा चुकी हो हमेशा के लिए
लेकिन कल फ़िर तुम मेरे सामने थी
दिन के उजाले में
मैं तुम्हे देख रहा था, महसूस कर रहा था
तुम्हारी आंखों में उदासी थी
तुम कुछ कहना चाहती थी
फ़िर तुमने कुछ कहा क्यों नही?
क्यों तुम मेरे पास नही आई?
मेरे आवाज देते ही क्यों तुम चली गई?
क्या इस बार भी तुम सिर्फ़ मेरा वहम थी?
नही-नही ऐसा नही हो सकता
तुम मेरा वहम नही थी कल
क्योंकि मैंने तुम्हे देखा था, अपनी खुली आंखों से

दिन के उजाले में, साफ़-साफ़
मैंने तुम्हे मह्सूस किया था कल
पर तूमने कुछ कहा क्यों नही?
क्या है वह बात जो तुम बताना चाहती हो
तुम फ़िर कब आओगी
मैं भी तुमसे मिलना चाहता हूँ
बातें करना चाहता हूँ तुमसे
मैं इन्तेजार करूँगा तुम्हारा
और जानता हूँ
तुम मुझे ज्यादा इन्तेजार नही करोगी
क्योंकि मुझे तुम्हारी आँखें अभी भी याद है
उन में मैंने उदासी देखी है
कुछ अधूरी कहानी है उनमें
जो तुम मुझे बताना चाहती हो....

३ june 2008, She left this world. She was suffering with a heart murmur (a small hole in heart) from her childhood. She was my not only the good friend but everything. if I say that she was best girl, then it will not wrong but least.

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