मैं कौन हूँ? ये एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब २७ सालों के बाद भी मैं नहीं ढूंढ़ पाया हूँ... पर यकीन मानिए रोज कोशिश करता हूँ इस जवाब को ढूंढने का. आखिर मेरा क्या अस्तित्व है... मैं कौन हूँ??? मैं रोज सुबह इसलिए नहीं जागना चाहता कि मुझे उठ कर ऑफिस जाना है, रात को इसलिए नहीं सोना चाहता कि सुबह ऑफिस जाने के लिए उठना है... मैं सोना चाहता हूँ खुद के लिए, जागना चाहता हूँ खुद के लिए... कुछ ऐसा करना चाहता जिससे मुझे ख़ुशी मिले, संतुष्टि मिले, जिस काम को कर मेरा दिल खुश हो... जिससे मुझे गर्व की अनुभूति हो...
मुझसे संपर्क साधना बहुत आसान है... ab8oct@gmail.com पर मेल कर सकते है, http://ab8oct.blogspot.com/, http://humarinayisubah.blogspot.com/ पर मेरे विचारों को पढ़ सकते है....
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शनिवार, 21 फरवरी 2009

मुझे तुझसे प्यार है...

जिन में हो तेरी खुशी
उन जख्मों का भी मुझे इन्तेजार है,
करने को सांझ तेरी रौशन
मैं ख़ुद जलने को भी तैयार हूँ
अगर हो बसी खुशबू तेरी
पतझर भी मेरी बहार है
तेरे खुशियों पर तो हक नही मेरा
तेरे ग़मों पर तो मेरा अधिकार है
एक गुजारिश है
तू न कभी बदलना जीवन के किसी मोड़ पर
मुझे तो तेरे इसी रूप से प्यार है
तू करती है नफरत मुझसे
नफरत ही किया करना,
हो सके तो हद से बढ़कर करना
मुझे तो तेरे नफरत से भी बे-इन्तिहाँ प्यार है
गर तू कभी बदल गई
तो शायद मुश्किल होगी मेरे लिए
किसी दिन अगर तू मेरे पास आई दोबारा
तो मैं मरने के लिए अभी कहाँ तैयार हूँ
मैंने तो कसम ली है तेरे प्यार में ही जीने की
मुझे तो तेरा अपनी अन्तिम साँसों तक इन्तेजार है
तेरी खुशी के लिए जख्म
तेरी रौशनी के लिए जलने को
खुशबू अगर हो तो पतझर
तेरे ग़मों से भी मुझे प्यार है
हाँ मुझे सिर्फ़ तुझसे, सिर्फ़ तुझसे ही प्यार है....

मैं और मेरी तन्हाई...

मैं और मेरी तन्हाई
अक्सर ये बातें करते है
तुम होती तो ऐसा होता
तुम होती तो वैसा होता
पर सच कहूँ?
मैं और मेरी तन्हाई
कभी कोई बातें नही करते
मैं कभी तन्हा होता ही कहाँ
तुम्हारी याद मुझे कभी
तन्हा होने ही नही देती है
तुम्हारी याद कभी
तेरी याद आने नही देती है
वरना......
मैं और मेरी तन्हाई भी
अक्सर बातें करते

मंगलवार, 10 फरवरी 2009

हैं जिंदगी थमी हुई

मैं चलता तो रोज हूँ
पर है जिंदगी थमी हुई
न पा सका हूँ मंजिल अभी
पर चाल है थकी हुई
जिंदगी की तलाश में
हैं साँस भी बिकी हुई
विश्वास नही खुदा पे तो
किस्मत भी है रूठी हुई
पर न कोशिशों का थमेगा दौर
पास मेरे हौसलों की कमी नही
बुरे वक्त भी आते रहेंगे
तो खुशियों की कमी नही
है जिंदगी थमी हुई
है चाल भी थकी हुई
पर कदम न रुकेंगे कभी
हो मंजिल भले ही दूर कहीं

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