
तुमने कहा तुम्हारे दिल में
अब ना मेरे लिए मोहब्बत है
और ना ही नफरत
आख़िर क्यों कहा तुमने ऐसा
पता है जबसे तुमने ऐसा कहा है
मैं बेचैन हो गया हूँ
लगता है जैसे तुम मुझपर अहसान कर रही हो
मत करो ऐसा तुम, मुझ पर तरस मत खाओ
मुझसे प्यार न करने की
तो वजह समझ सकता हूँ मैं
पर नफरत क्यों नही करती तुम मुझसे
तुम मुझसे नफरत किया करो
खूब नफरत किया करो
हो सके तो नफरत की हद से ज्यादा नफरत करो
क्योंकि तुम जितना ही नफरत करोगी
मेरा प्यार तुम्हारे लिए बढ़ता ही जाएगा….









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